
कलेक्टर का आदेश नजर आ रहा बेअसर! समनापुर में अधिकारी-कर्मचारी कर रहे रोजाना अपडाउन
कलेक्टर का आदेश नजर आ रहा बेअसर! समनापुर में अधिकारी-कर्मचारी कर रहे रोजाना अपडाउन
(समनापुर से लखन बर्मन की रिपोर्ट)
जनपथ टुडे डिंडोरी 3 जून 2026 – देश भर में बढ़ते ईंधन खर्च को रोकने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा देश वासियों से अपील की गई थी इसी क्रम में जिला कलेक्टर द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यालय में निवास करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन समनापुर ब्लाक में इन आदेशों का पालन केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहा है।
सूत्रों के अनुसार समनापुर में पदस्थ कई अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन जिला मुख्यालय से डेली अपडाउन कर रहे हैं। इससे शासन के पेट्रोल-डीजल बचत अभियान पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई विभागों के कर्मचारी सुबह देर से पहुंचते हैं और शाम होते ही कार्यालय छोड़ देते हैं, जिससे आम लोगों के कार्य समय पर नहीं हो पा रहे।
सबसे गंभीर आरोप शासकीय वाहनों के उपयोग को लेकर सामने आ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कुछ कर्मचारी सरकारी वाहनों का इस्तेमाल निजी आवागमन और व्यक्तिगत कार्यों में कर रहे हैं। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच हो जाए तो शासन को लाखों रुपये के ईंधन और वाहन खर्च में गड़बड़ी उजागर हो सकती है।
सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन अधिकारी मुख्यालय में रुकने के बजाय रोजाना अपडाउन में व्यस्त हैं। इससे आपात स्थिति में जनता को अधिकारियों की उपलब्धता नहीं मिल पाती।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मुख्यालय में निवास न करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जांच हो,शासकीय वाहनों की लॉगबुक और ईंधन खर्च की जांच कराई जाए ।बिना अनुमति डेली अपडाउन करने वालों पर कार्रवाई की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कलेक्टर के आदेशों की अनदेखी करने वालों पर प्रशासन कब तक कार्रवाई करेगा, या फिर सरकारी आदेश केवल फाइलों तक ही सीमित रहेंगे।

