प्रशासन की तत्परता से रुका नाबालिक का बाल विवाह, परिजनों को दी गई कानूनी समझाइश

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संपादक प्रकाश मिश्रा 

जनपथ टुडे डिंडोरी 27 जून 2026 – कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री माधुरी रजक के मार्गदर्शन में जिले में बाल विवाह रोकथाम अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को ग्राम घुसिया (दौरी टोला), थाना शाहपुर क्षेत्र में 16 वर्षीय बालिका का प्रस्तावित बाल विवाह प्रशासन की संयुक्त टीम ने समय रहते रुकवा दिया।

सूचना मिलने पर पहुंची टीम, रुकवाया विवाह 

जिला प्रशासन को दूरभाष के माध्यम से बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग, वन स्टॉप सेंटर तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम में महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती संगीता चौधरी, वन स्टॉप सेंटर की एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमती रितु खांडे एवं परामर्शदाता श्रीमती निकिता मरकाम शामिल रहीं।

मौके पर दस्तावेजों की जांच में बालिका की आयु 16 वर्ष 5 माह पाई गई। सूचना सही मिलने पर टीम ने तत्काल हस्तक्षेप कर बाल विवाह रुकवाया तथा परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाइश दी कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही किया जाए।

परिजनों को चेतावनी, बाल विवाह अपराध 

अधिकारियों ने परिजनों को चेतावनी दी कि यदि बाल विवाह कराया जाता है तो कानून के अनुसार इसमें शामिल प्रत्येक बालिग व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें कारावास एवं आर्थिक दंड का प्रावधान है। साथ ही बालिका की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति से दूर रहने की अपील की गई।

जिला प्रशासन ने की आम नागरिकों से अपील 

जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग या पुलिस को जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

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