
पगडंडी के रास्ते डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर प्रसूता को पहुंचाया एंबुलेंस तक, स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित प्रसव

पगडंडी के रास्ते डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर प्रसूता को पहुंचाया एंबुलेंस तक, स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित प्रसव
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडौरी 18 अगस्त 2026 – मेंहदवानी विकासखंड मेंहदवानी के ग्राम कनेरी के मुरमी टोला में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक प्रसूता को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद प्रसूता को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनेरी में भर्ती कराया गया, जहां सुरक्षित प्रसव कराया गया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को मुरमी टोला निवासी प्रसूता श्रीमती गीता बाई पति श्री नरेश कुमार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर आशा कार्यकर्ता श्रीमती मोहबाई ने मोबाइल के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। प्रसूता के घर तक एंबुलेंस पहुंचना संभव नहीं था, क्योंकि गांव तक केवल पगडंडी मार्ग है। बारिश के कारण रास्ता और भी दुर्गम हो गया था।
आशा कार्यकर्ता श्रीमती मोहबाई एवं एएनएम श्रीमती विमला बिलखरे ने मामले की जानकारी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रनमत सिंह परस्ते को दी। सूचना मिलते ही खंड चिकित्सा अधिकारी एवं विकासखंड कम्युनिटी मोबिलाइजर मुरलीधर विराट के निर्देशन में एंबुलेंस टीम को तत्काल मुरमी टोला के लिए रवाना किया गया। सुपरवाइजर जयंत परस्ते, ज्ञानदास लारिया एवं मोहन सिंह मसराम की टीम रात करीब 7:30 बजे गांव पहुंची।
पगडंडी बनी चुनौती, टीम ने पैदल पहुंचाया एंबुलेंस तक
एंबुलेंस के गांव तक नहीं पहुंच पाने की स्थिति में आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं परिजनों ने प्रसूता को करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद प्रसूता को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनेरी लाकर भर्ती कराया गया।
स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती आकांक्षा पटेल एवं सुश्री स्नेहलता सोयाम ने प्रसूता का सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद नवजात को आवश्यक टीका लगाया गया तथा मां ने बच्चे को स्तनपान कराया। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
स्वास्थ्य टीम की तत्परता की सराहना
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय ने विषम परिस्थितियों में तत्परता और जिम्मेदारी से कार्य करने वाली स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रनमत सिंह, कम्युनिटी मोबिलाइजर मुरलीधर विराट, सुपरवाइजर जयंत परस्ते, ज्ञानदास लारिया, मोहन सिंह मसराम, आशा कार्यकर्ता श्रीमती मोहबाई, एएनएम श्रीमती विमला बिलखरे तथा नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती आकांक्षा पटेल एवं सुश्री स्नेहलता सोयाम को धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी इसी तत्परता से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने समय पर सक्रियता दिखाते हुए प्रसूता को सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षित रखा।




