फार्मेसी कॉलेजो में हो रही अनियमितता पर लगे रोक – जैनेन्द्र सिंह प्रदेश अध्यक्ष AVpA   फार्मासिस्ट की बिना मौजूदगी संचालित हो रहे मेडिकल स्टोर्स – पंजीयन यहां- दुकान कहां

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फार्मासिस्ट की बिना मौजूदगी संचालित हो रहे मेडिकल स्टोर्स – पंजीयन यहां- दुकान कहां

संपादक प्रकाश मिश्रा 8963976785

जनपथ टुडे डिण्डौरी 9 जनवरी 2026 – प्रदेश के अनेकों जिलों में नियम को ताक में रखकर मेडिकल स्टोर्स पैथोलॉजी लैब मनमाने तरीके से संचालित किये जा रहे हैं जिला मुख्यालय डिंडोरी में भी मेडिकल स्टोरो में फार्मासिस्टों की कमी सामने आ रही है अनेकों मेडिकल स्टोर में अनट्रेंड लोगों के द्वारा मरीज और उनके परिजनों को दवाओं का वितरण करते हुए देखा जा सकता है। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि जिला मुख्यालय के अंतर्गत दवा दुकानो के पंजीयन बड़ी मात्रा में दर्ज है किंतु दवा दुकानों की स्थापना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं जो जांच का विषय है।जिले भर में संचालित दवा दुकानों के लाइसेंस के नवीनीकरण में भी सक्षम अधिकारियों के द्वारा लापरवाही पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है जिससे दवा दुकान संचालकों के द्वारा बेखौफ होकर नियम विरुद्ध दुकानों का संचालन किया जा रहा है।

सीएमएचओ और ड्रग इंस्पेक्टर अपना रहे उदासीन रवैया – आरोप

अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने पूर्व में भी पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि मेडिकल संचालकों द्वारा फार्मेसी एक्ट 1948 के तहत खुला उल्लंघन किया जा रहा है । केवल डिंडोरी जिला नहीं लगभग प्रदेश के सभी जिलों में दवा दुकानों में फार्मासिस्टों की फिजिकल उपस्थिति के बिना दवा विक्रय किया जा रहा है और अपात्रों द्वारा दवा दुकान का संचालन किया जा रहा है जो एक गंभीर मामला है। इससे स्पष्ट होता है कि सीएमएचओ और ड्रग इंस्पेक्टर के उदासीन रवैया के कारण खुली छूट का फायदा संचालक उठा रहे हैं, जबकि दुकानों पर फार्मासिस्ट ना पाए जाने पर 2 लाख का जुर्माना और तीन माह की सजा पी. सी. आई .द्वारा निर्धारित किया गया है। मेडिकल स्टोर, पैथोलॉजी लैब, के संचालन में की जा रही इस घोर लापरवाही को लेकर फार्मासिस्ट एसोसिएशन मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष ने भी चिंता जाहिर की है।

फार्मेसी कॉलेज में चल रही अनियमितता पर रोक लगाने की मांग

हाल ही में फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जैनेंद्र सिंह ने एक पत्र राजेन्द्र शुक्ला (उप मुख्यमंत्री) स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा मंत्री (म.प्र.) शासन को लिखा है जिसमें उन्होंने फार्मेसी कॉलेज में फार्मासिस्टों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही अनियमितता पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संगठन को सूचना प्राप्त हो रही है कि प्रदेश के अधिकांश फार्मेसी कॉलेजों में Dummy अर्थात Non Attending के रूप में प्रवेश दिया जा रहा है फार्मेसी एक High Skill Prectical Base चिकित्सा विषय है पर प्रदेश के फार्मेसी कॉलेजो द्वारा निजी लाभ के लिए सारे नियम कानून को ताक में रखकर प्रवेश दिया जा रहा है एवं नये खुल रहे फार्मेसी कॉलेजो मे पर्याप्त लेब, लाइब्रेरी तथा टीचिंग स्टाफ की भारी कमी है। प्रदेश अध्यक्ष ने मांग करते हुए कहा कि फार्मेसी कॉलेजो की इस मनमानी पर अंकुश लगाये और Dummy Admision दे रहे इन कॉलेजो की मान्यता रद्ध की जाये जिससे बच्चों को अच्ची शिक्षा मिल सके, जिससे वो स्वरोजगार लायक स्कील प्राप्त कर सकें।

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