20 जून तक पूरे करें पशुपालन विभाग के लक्ष्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

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✍️ उपसंपादक मोहम्मद साहिब

जनपथ टुडे डिंडौरी06 जून:– शनिवार को जिला कलेक्टरेट सभागार में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने विभागीय योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और सभी डॉक्टर, अधिकारियों व कर्मचारियों को फील्ड में सक्रिय होने के कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ऑनलाइन एंट्री के लिए 20 जून की डेडलाइन तय

कलेक्टर ने ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ और कृत्रिम गर्भाधान (एआई) से संबंधित सभी ऑनलाइन प्रविष्टियों को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए सख्त समय-सीमा तय की है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी प्रतिदिन की प्रविष्टियों में तेजी लाएं और हर हाल में 20 जून तक निर्धारित लक्ष्य पूरा करें, ताकि 30 जून से पहले सभी तकनीकी पोर्टल अपडेट हो सकें। अब इन कार्यों की दैनिक निगरानी स्वयं कलेक्टर द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से की जाएगी।

जिले कि 70 ग्राम पंचायतों में चल रही ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’

बैठक में पशु चिकित्सा अधिकारी अभिनव शुक्ला ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को मजबूत करने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से जिले की 70 पंचायतों में ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ चलाई जा रही है। इसके तहत चयनित 28 गांवों में अब तक 60 विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जा चुके हैं, जिनमें पशु टैगिंग, बधियाकरण और चारा प्रबंधन जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

हर मंगलवार को लगेंगे विशेष शिविर

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के 4500 और टंट्या मामा योजना के 12 लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही, अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड का भ्रमण करने के निर्देश दिए गए।

सड़क हादसों को रोकने के लिए आवारा पशुओं को बंधेगी रेडियम पट्टी

जिले में सड़कों पर आवारा घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या पर भी गंभीर चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवारा पशुओं को तत्काल गौशालाओं में शिफ्ट किया जाए और सुरक्षा के लिहाज से उनके गले में ‘रेडियम पट्टियां’ बांधी जाएं ताकि रात के अंधेरे में वाहन चालकों को वे दूर से दिख सकें।

बैठक में ये रहे उपस्थित

इस समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, डिप्टी कलेक्टर वैद्यनाथ वासनिक, अतिरिक्त सीईओ पंकज जैन, एसडीएम सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम बाजाग अक्षय डिगरसे, एलडीएम रवीशंकर सहित सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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