थाने से गायब हो गया 19 वर्षीय युवक – शाहपुर पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल नाबालिग के बयान के बाद भी युवक को नहीं छोड़ा, मां ने लगाए गंभीर आरोप

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नाबालिग के बयान के बाद भी युवक को नहीं छोड़ा, मां ने लगाए गंभीर आरोप

संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडोरी 8 जून 2026 जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम गोरखपुर शाहपुर निवासी सिद्धियाँ बाई ने आरोप लगाया है कि उनके 19 वर्षीय पुत्र उमेश कुमार को पुलिस ने पूछताछ के नाम पर थाने में बैठा लिया था, और अब वह लापता है।

क्या था मामला –

महिला के अनुसार उनका पुत्र 12 अप्रैल को पड़ोस की एक नाबालिग लड़की के साथ केरल चला गया था। मामले में विवाद बढ़ने पर उन्होंने स्वयं बेटे को वापस गांव बुलवाया। 2 जून को युवक गांव लौट आया, जिसके बाद 6 जून को वह बेटे को लेकर शाहपुर थाने पहुंचीं। सिद्धियाँ बाई का कहना है कि पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। नाबालिग ने अपने बयान में बताया कि वह अपनी इच्छा से युवक के साथ गई थी और उसके साथ कोई गलत काम नहीं हुआ। इसके बाद युवती को छोड़ दिया गया, लेकिन उनके बेटे को थाने में ही बैठा लिया गया।

30 हजार रुपये मांगने का आरोप- सही या गलत जांच का विषय 

महिला ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि लड़के को छोड़ने के लिए थाना प्रभारी 30 हजार रुपये मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था नहीं कर सकीं और घर लौट आईं। महिला का यह भी कहना है कि उनका एक रिश्तेदार बाइक क्रमांक MP52ZB2661 और मोबाइल लेकर चौबीसा गांव गया था, जिसे भी पुलिस अपने साथ लेकर आई।

रात में घर पहुंची पुलिस, कहा- लड़का भाग गया- सिंधिया बाई

सिद्धियाँ बाई ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और पूछा कि उनका बेटा घर आया है या नहीं। महिला ने जवाब दिया कि लड़का तो थाने में था, फिर घर कैसे आएगा। इस पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि युवक थाने की छत कूदकर भाग गया है। महिला का दावा है कि उन्होंने स्वयं युवक को थाने में जंजीर से बंधा देखा था। ऐसे में उसके भागने की बात उन्हें समझ नहीं आ रही है।

क्या कहते हैं थाना प्रभारी शाहपुर

शाहपुर थाना प्रभारी केवल सिंह परते ने बताया कि युवक के खिलाफ परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना एएसआई माया मरावी द्वारा की जा रही है। उनका कहना है कि युवक स्वयं थाने आया था और बाद में चला गया होगा। उन्होंने बताया कि उस समय वह जांच के सिलसिले में बाहर थे।

इनका कहना है –

महिला द्वारा शिकायत की गई है, जिसकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

डॉ अमित वर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

उठ रहे हैं कई सवाल-

यदि नाबालिग ने अपनी मर्जी से जाने की बात कही, तो युवक को थाने में क्यों रोका गया?
क्या युवक को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया था?
जंजीर से बांधे जाने के आरोपों की सच्चाई क्या है?
यदि युवक थाने से भागा, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
रिश्वत मांगने के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी या नहीं?
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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