शाहपुर थाने से भागा युवक लगभग 36 घंटे बाद जंगल में मिला बेहोश

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‘बेशरम’ की पत्तियां खाने की आशंका, अस्पताल में भर्ती

✍️ उपसंपादक मोहम्मद साहिब

जनपथ टुडे डिंडोरी 9जून:- शाहपुर थाना पुलिस की अभिरक्षा (कस्टडी) से भागा 19 वर्षीय युवक उमेश कुमार, करीब  36 घंटे बाद गंभीर हालत में मिला युवक। परिजनों से मिली जानकारी अनुसार मंगलवार सुबह वह थाने से करीब 8 किलोमीटर दूर गोरखपुर बांध के पास जंगल में ‘बेशरम’ की झाड़ियों के बीच अचेत अवस्था में मिला।

आशंका है कि कस्टडी से भागने के बाद युवक ने  विषैली पत्तियां खाई। फिलहाल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पुलिस उसके होश में आने का इंतजार कर रही है।

रविवार रात से लापता था युवक

जानकारी के मुताबिक, युवक को एक मामले में पूछताछ के लिए शाहपुर थाने लाया गया था, जहां से रविवार की रात में वह फरार हो गया था। पुलिसकर्मियों ने रात में ही उसके परिजनों को सूचना दी कि युवक थाने की छत से कूदकर भाग गया है। जिसके बाद से पुलिस की टीम और युवक के परिजन रात-दिन उसकी तलाश में जुटे हुए थे। सोमवार का पूरा दिन बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था।

8 किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिला

मंगलवार सुबह करीब 10 बजे युवक के भाई मुकेश मरावी और परिजनों को गोरखपुर बांध के पास जंगल के किनारे उमेश के होने की सूचना मिली। मुकेश ने बताया कि जब वे वहां पहुंचे तो उमेश बेशरम की झाड़ियों के बीच बेहोश हालत में पड़ा था और उसने पत्तियां खा ली थीं। परिजनों ने तुरंत उसे उल्टी करवाई ताकि जहर का असर कम हो सके, और आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। युवक के पैरों में गंभीर सूजन भी पाई गई है।

शुगर और बीपी लेवल काफी डाउन

जिला अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर नितिन देशमुख ने बताया कि जब मरीज को अस्पताल लाया गया, तब उसकी शारीरिक स्थिति काफी कमजोर थी। मुमकिन तौर पर भूखे-प्यासे भटकने और पत्तियां खाने के कारण उसका ब्लड प्रेशर (BP) और शुगर लेवल काफी नीचे गिर गया था। डॉक्टरों की टीम द्वारा उसे प्राथमिक उपचार दिया गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ ही समय में उसकी स्थिति सामान्य हो जाएगी।

“बस मेरा बेटा ठीक हो जाए”- माँ

इस पूरे घटनाक्रम के बाद युवक की मां सिंधिया बाई बेहद डरी और सहमी हुई हैं। उन्होंने अपने बेटे की सलामती की दुआ करते हुए कहा, “मेरा बेटा मिल गया है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इसके अलावा मुझे अब और कुछ नहीं चाहिए। बस मेरा बेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे और ठीक हो जाए।”

जांच की जद में पुलिस: लापरवाह स्टाफ पर होगी कार्रवाई

इस पूरे मामले को लेकर पुलिस के आला अधिकारी बेहद सख्त हैं। कस्टडी से युवक का भागना और फिर उसका जहर खाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है।

एसडीओपी (SDOP) अजय तिवारी ने बताया कि पुलिस अब युवक के पूरी तरह होश में आने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद उसके विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे कि वह कस्टडी से कैसे भागा और जंगल में उसके साथ क्या हुआ। इसके साथ ही, एसडीओपी ने साफ किया कि कस्टडी के दौरान लापरवाही बरतने वाले थाना स्टाफ के खिलाफ एक जांच प्रतिवेदन (रिपोर्ट) तैयार कर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय भेजी जा रही है।

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