
तहसीलदार की तत्परता से टला बड़ा बिजली हादसा
✍️ उपसंपादक मोहम्मद साहिब
जनपथ टुडे डिंडोरी 15 जून- कहते हैं कि अगर सही समय पर सही कदम उठा लिया जाए, तो बड़ी से बड़ी विपत्ति को टाला जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया डिंडौरी के तहसीलदार शशांक शेंडे ने। उनकी पैनी नजर और ऐन वक्त पर दिखाई गई सूझबूझ की वजह से आज एक बहुत बड़ा हादसा होने से बच गया, वरना न जाने कितने लोग इसकी चपेट में आ जाते।
सफर के बीच अचानक दिखा वो मंडराता खतरा
रोज की तरह तहसीलदार शशांक शेंडे अपने क्षेत्र के दौरे पर निकले हुए थे। गाड़ी अपनी गाड़ी से चल रहे थे, कि तभी अचानक उनकी नजर रास्ते में पड़ने वाले एक बिजली के ट्रांसफॉर्मर पर टिक गई। वहां से गाढ़ा, काला धुआं निकल रहा था। चूंकि वह एक घनी आबादी और रिहायशी इलाका था, तहसीलदार तुरंत खतरे की गंभीरता को समझा और उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपनी गाड़ी रुकवाई और सीधे उस धुआं उगलते ट्रांसफॉर्मर की तरफ बढ़े। सबसे पहले उन्होंने आस-पास मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों को वहां से दूर हटने को कहा ताकि कोई अनहोनी न हो। इसके तुरंत बाद उन्होंने बिजली विभाग के बड़े अफसरों को फोन घुमाया और स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया।
जब तक संकट टला नहीं, मौके पर डटे रहे तहसीलदार
प्रशासनिक अमले में अक्सर देखा जाता है कि अधिकारी सूचना देकर आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन शशांक शेंडे ने ऐसा नहीं किया। जब तक बिजली विभाग की टेक्निकल टीम अपने साजो-सामान के साथ वहां नहीं पहुंच गई, वह खुद तपती धूप में मौके पर मोर्चा संभाले खड़े रहे। वह लगातार यह पक्का करते रहे कि कोई भी अवांछित व्यक्ति उस दायरे में न आए। उनकी इस तत्परता को देखकर बिजली विभाग की टीम ने भी बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत काम शुरू किया और लाइन बंद कर फॉल्ट को ढूंढना शुरू कर दिया।
अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो फट सकता था, ट्रांसफॉर्मर
बाद में जब बिजली विभाग के इंजीनियरों ने ट्रांसफॉर्मर को खोलकर देखा, तो उनके भी होश उड़ गए। ट्रांसफॉर्मर के भीतर एक बेहद गंभीर तकनीकी खराबी आ चुकी थी और वह पूरी तरह ओवरहीट हो चुका था। तकनीकी टीम के मुताबिक, अगर अगले कुछ मिनट तक उस पर ध्यान न दिया जाता, तो वह एक भयानक धमाके के साथ फट जाता। उस व्यस्त रास्ते और आस-पास के घरों को देखते हुए यह ब्लास्ट कितनी बड़ी तबाही लाता, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। समय रहते बिजली कटने और मरम्मत होने से एक बड़ा जान-माल का नुकसान होने से रुक गया।



