भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी पूर्व परियोजना अधिकारी नीतू तिलगाम की एक बार फिर जिले में तैनाती ? गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने दर्ज कराया विरोध

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भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी पूर्व परियोजना अधिकारी नीतू तिलगाम की एक बार फिर जिले में तैनाती ? गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने दर्ज कराया विरोध

जनपथ टुडे डिंडोरी 18 जून2026 –जिनके विरुद्ध गंभीर धाराओं के तहत न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज हो,उसकी फिर से नियुक्ति समझ के परे है।कुछ ऐसा ही विषय डिंडोरी जिले के महिला बाल विकास विभाग में पदस्थ रह चुकी परियोजना अधिकारी एवं प्रशासक नीतू तिलगाम का सामने आया है।जिनकी एक बार फिर जिले में स्थापना से आक्रोश देखा जा रहा है। बता दें कि वर्तमान समय में प्रदेश सरकार के द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों को स्थानांतरित करते हुए विभिन्न स्थानों पर पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। इसी क्रम में डिंडोरी में पदस्थ रह चुकी श्रीमती नीतू तिलगाम को एक बार फिर वन स्टाफ सेंटर डिंडोरी में तैनाती दी गई है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अमान सिंह पोरते ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर जिले में नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की है।

कलेक्टर को लिखित रूप दी गई शिकायत में बताया गया है कि परियोजना अधिकारी रहते हुए श्रीमती नीतू तिलगाम के विरुद्ध पूर्व से ही न्यायालय ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले पर 120B ,40 3,406 ,408 409 420 464 467 468 471 34 धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया था जो अभी भी न्यायालय में लंबित है।

*ये था मामला -*

डिंडौरी जिला में बैगा जनजाति की गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण व पोषण आहार वितरण को लेकर जारी की गई राशि में अनियमितता बरतने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने जिम्मेदारों के विरूद्ध मामला दर्ज करने का आदेश जारी किया था। इस मामले में महिला बाल विकास विभाग की तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित सात परियोजना अधिकारियों पर भी धोखाधडी, शासकीय राशि का गबन सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।

वर्ष 2013 में संरक्षण सह विकास योजना स्वास्थ्य मद के अंतर्गत बैगा जनजाति की की गर्भवती व अन्य महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवा, पोषण आहार देने के लिए 17 लाख 40 हजार की राशि महिला बाल विकास विभाग को जारी हुई थी। आरोप थे कि संबंधित राशि को खुर्द बुर्द कर बंदरबांट कर लिया गया। जिम्मेदारों ने शर्तों का पालन नहीं किया। मामले में अनियमितता सामने आने पर इसकी शिकायत कलेक्टर और कमिश्नर से भी की गई थी। अपर कलेक्टर की जांच में भी यह यह सामने आया था कि राशि का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं किया गया। मामले पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाने से इसका परिवाद जिला न्यायालय में लगाया गया। न्यायालय ने मामला दर्ज करते हुए संबंधितों को नोटिस जारी कर 29 दिसंबर 2025 को न्यायालय में तलब किया था।

*इनके विरूद्ध दर्ज किया गया था मामलाः*

न्यायालय द्वारा तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी कल्पना तिवारी के साथ डिंडौरी के तत्कालीन परियोजना अधिकारी रहे गिरीश बिल्लोरे शहपुरा के तत्कालीन परियोजना अधिकारी रहीं उदयवती तेकाम, अमरपुर के परियोजना अधिकारी त्रिलोक सिंह भवेदी, करंजिया तत्त्कालीन परियोजना अधिकारी नीतू तिलगाम और बजाग के तत्कालीन परियोजना अधिकारी मनमोहन सिंह कुशराम के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था।

*गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने की जिले में नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग*

उपरोक्त अधिकारी की पुनः पदस्थापना को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अमान सिंह पोरते ने आपत्ति दर्ज कराते हुए जिला प्रशासन सहित मध्य प्रदेश शासन से डिंडोरी में इनकी पद स्थापना पर रोक लगाई जाने की मांग की गई है। कलेक्टर को लिखित शिकायत करते हुए उन्होंने कहा है कि नीतू तिलगाम की नियुक्ति जिले में होने से इनके खिलाफ पूर्व में प्रस्तावित कार्यवाही की जांच प्रभावित होगी। अतः जिला प्रशासन सहित प्रदेश शासन इनकी जिले में नियुक्ति पर रोक लगाये।

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