
प्रशासकीय अनुमति के नाम पर अब भी लगे हैं पोस्टर, जिला मुख्यालय में आखिर किसकी अनुमति? नगर परिषद की कार्रवाई केवल दिखावा, बिजली के पोल से हटाए छोटे पोस्टर, बड़े बैनर जस के तस
कलेक्ट्रेट चौराहा फॉरेस्ट तिराहा सहित अन्य स्थानों पर लगी बड़ी होर्डिंग दिखा रही प्रशासन की कार्रवाई को ठेंगा
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडोरी 18 जुलाई 2026 – उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में एसडीएम द्वारा सार्वजनिक स्थानों से अवैध बैनर और पोस्टर हटाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जिला मुख्यालय में आज भी कई स्थानों पर बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगे हुए हैं। इससे प्रशासनिक कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं।
नगर परिषद ने हाल ही में अभियान चलाकर बिजली के खंभों से छोटे-छोटे पोस्टर और बैनर हटाने की कार्रवाई तो की, लेकिन शहर के प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और मुख्य मार्गों पर लगे बड़े होर्डिंग और बैनरों को नहीं हटाया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कार्रवाई केवल खानापूर्ति और दिखावे तक सीमित रही।
कलेक्ट्रेट चौराहा फॉरेस्ट तिराहा सहित अन्य स्थानों पर लगी बड़ी होर्डिंग प्रशासन की कार्रवाई को ठेंगा दिखा रही है
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब एसडीएम ने न्यायालय के आदेश के पालन में सभी अवैध पोस्टर और बैनर हटाने के निर्देश दिए थे, तब जिला मुख्यालय में अब भी लगे इन बड़े पोस्टरों को किसकी अनुमति प्राप्त है? क्या इनके लिए प्रशासन से कोई विशेष अनुमति ली गई है, या फिर प्रभावशाली लोगों के कारण इन पर कार्रवाई नहीं हो रही?
शहरवासियों का कहना है कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं तो कार्रवाई भी बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए। केवल छोटे पोस्टर हटाकर अभियान की सफलता का दावा करना उचित नहीं माना जा सकता।
अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह न्यायालय के आदेश और अपने ही निर्देशों का निष्पक्ष पालन सुनिश्चित करेगा या फिर यह अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। यदि समय रहते सभी अवैध पोस्टर और बैनर नहीं हटाए गए, तो प्रशासन की कार्यशैली और निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठते रहेंगे।



