
RBSK से संवरेगी नन्हीं ज़िंदगियों की उम्मीद: डिंडौरी के 9 गंभीर बीमार बच्चों को इलाज के लिए जबलपुर भेजा गया
RBSK से संवरेगी नन्हीं ज़िंदगियों की उम्मीद: डिंडौरी के 9 गंभीर बीमार बच्चों को इलाज के लिए जबलपुर भेजा गया
संपादक- प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे, डिंडौरी 27 जुलाई 2026- डिंडौरी जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 9 बच्चों को बेहतर एवं विशेषज्ञ उपचार के लिए जबलपुर के विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है। इन बच्चों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क होगा और उपचार का पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज पांडेय ने बताया कि जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान इन बच्चों की पहचान की गई थी। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए इन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।
सीएमएचओ के अनुसार, रेफर किए गए 9 बच्चों में 3 बच्चे जन्मजात हृदय रोग, 3 बच्चे मानसिक एवं विकास संबंधी समस्याओं तथा 3 बच्चे कटे-फटे होंठ एवं तालु (क्लेफ्ट लिप/पैलेट) की समस्या से पीड़ित हैं। सभी बच्चे डिंडौरी जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं।
उन्होंने बताया कि बच्चों को उनकी बीमारी के अनुरूप जबलपुर के विशेषज्ञ अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा, जहां उनकी आवश्यक जांच, ऑपरेशन और संपूर्ण उपचार निःशुल्क किया जाएगा। जिला स्वास्थ्य विभाग उपचार प्रक्रिया की लगातार निगरानी करेगा और परिजनों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
डॉ. मनोज पांडेय ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) का उद्देश्य जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकार, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकास संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करना है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है और बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं ताकि किसी भी गंभीर बीमारी की समय रहते पहचान कर उसका प्रभावी इलाज कराया जा सके।




