प्रशासन की सख्ती के बीच पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, आम जनता के राजस्व कार्य प्रभावित – प्रशासन ने हड़ताल को लोकहित के विपरीत बताते हुए काम पर लौटने की दी चेतावनी

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संपादक प्रकाश मिश्रा

जनपथ टुडे डिंडोरी  4 सितंबर 2026 डिंडौरी – जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासन और पटवारी संघ आमने-सामने हैं। एक ओर प्रशासन द्वारा राजस्व कार्यों में लापरवाही, लंबित प्रकरणों और आमजन की शिकायतों को लेकर सख्ती बरती जा रही है, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश पटवारी संघ डिंडौरी ने अपनी 16 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर 1 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। दोनों पक्षों के बीच जारी गतिरोध का सीधा असर किसानों और आम नागरिकों से जुड़े राजस्व कार्यों पर पड़ने की आशंका है।

भ्रष्टाचार और लापरवाही की शिकायतों पर प्रशासन का कड़ा रुख

जिले में कुछ पटवारियों के विरुद्ध पट्टा बनाने, राजस्व रिकॉर्ड में सुधार, फौती नामांतरण सहित अन्य राजस्व कार्यों के एवज में राशि मांगने की शिकायतें प्रशासन के समक्ष पहुंची हैं। प्रशासन द्वारा ऐसी शिकायतों और कार्यों में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासनिक स्तर पर यह भी सामने आया है कि कुछ पटवारियों द्वारा निर्धारित फील्ड कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही थी। एसडीएम स्तर से पटवारियों को नियमित रूप से फील्ड में जाने, आमजन के लंबित कार्यों को समय सीमा में पूरा करने तथा फार्मर रजिस्ट्री एवं पीएम किसान पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। कार्य में लापरवाही के आरोप में कुछ पटवारियों को वेतन वृद्धि रोकने के संबंध में कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।

कलेक्टर के आदेश में हड़ताल को बताया लोकहित के विपरीत

पटवारियों की हड़ताल को लेकर जिला प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर द्वारा 3 सितंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि पटवारी संघ द्वारा हड़ताल की सूचना नियमानुसार सात दिन पूर्व नहीं दी गई, बल्कि एक दिन पूर्व सूचना दी गई। वर्षाकाल और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आमजन से जुड़े राजस्व कार्यों की महत्ता को देखते हुए प्रशासन ने हड़ताल को लोकहित के विपरीत माना है।

प्रशासन की ओर से हड़ताल समाप्त कर तत्काल कार्य पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं तथा आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पटवारी संघ ने 16 सूत्रीय मांगों को बताया हड़ताल का कारण

इधर, मध्यप्रदेश पटवारी संघ डिंडोरी ने हड़ताल को लेकर कलेक्टर के नाम एसडीएम डिंडोरी को ज्ञापन सौंपा है। संघ के जिलाध्यक्ष सोहन साहू द्वारा 2 सितंबर को दिए गए ज्ञापन में जिले के पटवारियों की 16 सूत्रीय समस्याओं के निराकरण की मांग की गई है।

संघ की प्रमुख मांगों में ऑनलाइन ई-अटेंडेंस से पटवारियों को मुक्त करने, शासन एवं प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से लगभग तीन माह पूर्व स्थानांतरित किए गए पटवारियों को रिलीव करने, तहसील डिंडोरी में पटवारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार एवं दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की शिकायतों की जांच कराने की मांग शामिल है।

इसके अलावा प्रभारी राजस्व निरीक्षक के रूप में कार्य कर रहे पटवारियों की एक वेतन वृद्धि असंचयी रूप से रोकने की कार्रवाई को वापस लेने तथा मेंहदवानी के कुछ पटवारियों का रोका गया एक दिन का वेतन जारी करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।

भय और तनाव का वातावरण’ कम करने की मांग

पटवारी संघ का आरोप है कि वर्तमान में जिले में कर्मचारियों के बीच भय और तनाव का वातावरण बना हुआ है। संघ ने प्रशासन से इसे कम करने तथा अपनी सभी 16 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों का निराकरण नहीं होने की स्थिति में कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।

प्रशासन के आरोपों पर संघ का अपना पक्ष

प्रशासन की ओर से जहां राजस्व कार्यों में लापरवाही और आमजन के काम समय पर नहीं किए जाने को लेकर सख्ती की जा रही है, वहीं पटवारी संघ इन कार्रवाइयों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहा है। संघ का कहना है कि उसके सदस्य विभिन्न प्रशासनिक दबावों और समस्याओं के बीच कार्य कर रहे हैं तथा उनकी जायज समस्याओं का निराकरण किया जाना चाहिए।

प्रशासन का रुख स्पष्ट – लापरवाही बर्दाश्त नहीं 

दूसरी ओर प्रशासन का रुख स्पष्ट है कि आम नागरिकों और किसानों से जुड़े राजस्व कार्य किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने चाहिए तथा शासन की योजनाओं एवं लोक सेवा गारंटी से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आम जनता के लिए सबसे बड़ा सवाल—कब सामान्य होंगे राजस्व कार्य?

प्रशासन और पटवारी संघ के बीच चल रहे इस विवाद में सबसे अधिक परेशानी किसानों और आम नागरिकों को उठानी पड़ सकती है। नामांतरण, फौती, राजस्व रिकॉर्ड सुधार, सीमांकन, प्रमाण-पत्रों से जुड़े कार्यों सहित शासन की विभिन्न योजनाओं के लिए पटवारी स्तर की कार्रवाई आवश्यक होती है।

ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और पटवारी संघ के बीच बातचीत से गतिरोध समाप्त होता है या हड़ताल आगे भी जारी रहती है। आमजन की अपेक्षा यही है कि दोनों पक्ष अपने-अपने स्तर पर समाधान निकालें और राजस्व संबंधी कार्य जल्द से जल्द सामान्य हों।

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