
डिंडौरी जिले में स्वास्थ्य संस्थाओं के निरीक्षण में लापरवाही उजागर, छह स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी
बंद मिले उपस्वास्थ्य केंद्र और गृहभेंट में लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग की कड़ी कार्यवाही
✍️ मोहम्मद साहिबेआलम, उपसंपादक
जनपथ टुडे डिंडोरी 04नवंबर:- कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और नियमित संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता दीवान ने 3 नवंबर 2026 को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ उपस्वास्थ्य केंद्र बंद पाए गए तथा निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही सामने आई, जिसके बाद संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान उपस्वास्थ्य केंद्र हर्रा, विकासखंड बजाग बंद पाया गया। इस पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर कांति धुर्वे और एएनएम पुष्पा धुर्वे तथा दीपिका मरावी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार, उपस्वास्थ्य केंद्र कूड़ा, विकासखंड डिंडौरी बंद पाए जाने पर सीएचओ रोशनी सिंह और एएनएम नंदनी परस्ते को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो संबंधितों के विरुद्ध अवैतनिक की कार्यवाही की जाएगी।
इसी क्रम में, उपस्वास्थ्य केंद्र घानाघाट के निरीक्षण के दौरान नवजात शिशुओं की जन्म से 42 दिवस तक की गृहभेंट (एचबीएनसी) से संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। जांच में यह बात सामने आई कि एएनएम रचना बनाफर और सीएचओ आरती संग्राम द्वारा निर्धारित गृहभेंट समय पर नहीं की जा रही है। इस लापरवाही पर दोनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। तय समय में संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सभी स्वास्थ्य संस्थाओं का नियमित संचालन, स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना अनिवार्य है। कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की उदासीनता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त नियमानुसार कार्यवाही जारी रहेगी।



