12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम में बढाई छात्रा की परेशानी, अंग्रेजी का पेपर क्यों हुआ रद्द छात्रा हैरान – जवाब देने से बच रहे अधिकारी 

Listen to this article

दफ्तरों के चक्कर लगा रही छात्रा का भविष्य बर्बाद होने की कगार पर- कौन होगा जिम्मेदार

संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडोरी 22 अप्रैल 2026 -साल भर मेहनत करने के बाद छात्र और छात्राओं को परीक्षा परिणाम की बड़ी उत्सुकता रहती है क्योंकि यही परीक्षा परिणाम छात्र और छात्राओं के आने वाले भविष्य की राह तय करते हैं। किंतु डिंडोरी जिले की मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल बजाग की छात्रा आराधना मंडल के परीक्षा परिणाम से हैरान है। औरआगे के भविष्य को लेकर चिंतित भी है ।

 

ऑनलाइन से मिली अंक तालिका

दरअसल विगत सत्र 2025 -26 में संपन्न हुई 12वीं की परीक्षा में कला संकाय से बजाग परीक्षा केंद्र में सम्मिलित हुई छात्र के परीक्षा परिणाम में अंग्रेजी विषय के पेपर में CAN अंकित होकर आया है जिसे विभाग जानकर पेपर का कैंसिलेशन या फिर रद्द होना बताते हैं । छात्र की माने तो पूरी परीक्षा के दौरान उसने ऐसी कोई गलती नहीं की जिसके चलते उसके किसी भी विषय की परीक्षा को रद्द किया जा सके। फिलहाल छात्रा अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर है। देखने लायक बात यह होगी कि छात्रा के साथ हुई इस नाइंसाफी में कौन-कौन जिम्मेदार है और इन लोगों के खिलाफ क्या कार्यवाही होगी।

परीक्षा परिणाम के बाद कलेक्टर से लगाई गुहार –

छात्रा के परिजन बताते हैं कि जैसे ही परीक्षा परिणाम ऑनलाइन में देखा तो छात्रा ने अंग्रेजी विषय के पेपर में CAN लिखे होने पर हैरानी जताई ।शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों से समझने के बाद उन्होंने परीक्षा परिणाम में वांछित सुधार कराए जाने के लिए जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन दिया जिस पर कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहायक आयुक्त को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। किंतु हैरानी की बात है कि कलेक्टर के निर्देश और संवेदनशील मामला होने के बाद भी सहायक आयुक्त ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी नहीं दिया अधिकारियों ने ध्यान

छात्रा की माने तो उसने लगभग एक सप्ताह पूर्व उक्त समस्या के निराकरण के लिए आवेदन दिया था और कलेक्टर के निर्देश के बाद सहायक आयुक्त से मुलाकात भी की थी। उस समय सहायक आयुक्त ने छात्रा को यह कहकर वापस कर दिया कि हम इसे ठीक करवा देंगे किंतु एक सप्ताह का समय भी जाने के बाद उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसका परिणाम यह रहा की छात्रा अब एक बार फिर दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है।

नहीं खुल रहा पोर्टल नहीं भरा जा रहा फॉर्म , पुनर्मूल्यांकन भी नहीं

छात्रा और उसके परिजन बताते हैं कि अंग्रेजी विषय का परिणाम ठीक ना होने के चलते पूरक परीक्षा का फॉर्म भरने के लिए ऑनलाइन पोर्टल में प्रयास किया किंतु उसमें भी किसी अन्य की फोटो दिखाई दे रही है अब ना तो पोर्टल खुल रहा है और ना ही उसका फॉर्म भरा जा रहा है, इतना ही नहीं पुनर्मूल्यांकन कि प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाई है। ऐसी स्थिति में छात्रा पशोपेश में है कि आखिर उसके भविष्य का क्या होगा?

मंडल कार्यालय से किया जा रहा है पत्राचार- DEO

जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती सुमन पढ़ने से जब इस मामले पर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि छात्र की समस्या को लेकर मंडल कार्यालय से पत्राचार किया गया है उन्होंने उम्मीद जताई कि छात्र की समस्या का समाधान हो जाएगा वहीं मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य को कारण बताओं नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी DEO ने दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम आने के बाद प्राचार्य के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी नहीं दी गई जो लापरवाही किस श्रेणी में आता है। उक्त लापरवाही के लिए उनसे लिखित तौर पर जवाब मांगा गया है।

जिम्मेदार अधिकारी सहायक आयुक्त नहीं उठाते फोन

वही इस मामले में जब हमने सहायक आयुक्त लोकेश जाटव से फोन पर चर्चा करनी चाहिए तो वह फोन पर उपलब्ध नहीं हो सके। सवाल यह है कि अब यदि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद भी छात्र के परीक्षा परिणाम में वांछित सुधार नहीं होता है तो उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ किए जाने के लिए कौन जिम्मेदार होगा क्या उन पर कानून सम्मत कार्रवाई होगी या केवल छात्रा को ही इसका परिणाम भोगना पड़ेगा।

Related Articles

Close
Website Design By Mytesta.com +91 8809 666000