
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में डिंडौरी को राष्ट्रीय पुरस्कार
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में डिंडौरी को राष्ट्रीय पुरस्कार
संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडौरी 12 अक्टूबर 26 –मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी को प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सम्मान मिला है। सोमवार को नई दिल्ली के पूसा भवन में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डिंडौरी जिले को ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ के तहत उत्कृष्ट कार्य के लिए Certificate of Excellence से सम्मानित किया गया।
इस योजना में देश भर से तीन जिलों को चुना गया था – महोबा (उत्तर प्रदेश), डिंडौरी (मध्य प्रदेश) और चमोली (उत्तराखंड)।
कलेक्टर और महिला कृषक ने लिया प्रमाण-पत्र
केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया और अमरपुर विकासखंड की महिला कृषक कमला यादव को मंच पर प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
इसलिए मिला सम्मान
कलेक्टर ने बताया कि जिले में प्राकृतिक खेती और एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इसका मुख्य मकसद रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करना, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाना, पानी बचाना और किसानों की आय बढ़ाना है।
एक साल के भीतर ही इस पहल से 12,258 किसान जुड़े हैं। जिले में 33 जैव संसाधन केंद्र (Bio Resource Center) स्थापित किए गए हैं और 4,650 किसानों को जैविक प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जा चुके हैं।
यह पुरस्कार डिंडौरी जिले के किसानों के लिए प्राकृतिक खेती की ओर एक बड़े बदलाव का संकेत है।
