
डिंडौरी के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट से राहत
46 नवीन हैंडपंप खनन की मिली स्वीकृति
जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से दूर होगी पानी की समस्या; जल्द शुरू होगा काम
✍️ उपसंपादक मोहम्मद साहिब
जनपथ टुडे डिंडोरी 8 जून:- जिले के ग्रामीण अंचलों में पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रीष्मकाल में पानी की किल्लत से जूझ रही समस्या-ग्रस्त बसाहटों में सार्वजनिक उपयोग के लिए कुल 46 नवीन नलकूप खनन एवं हैंडपंप स्थापना कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को आने वाले दिनों में पानी की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर मिली मंजूरी
ग्रामीणों की मांग को देखते हुए माननीय सांसद, माननीय विधायक (शहपुरा एवं डिंडौरी विधानसभा क्षेत्र) और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा नवीन हैंडपंप स्थापना के प्रस्ताव व अनुशंसाएं प्रशासन को भेजी गई थीं। इन सभी प्रस्तावों का शासन के प्रचलित मापदंडों के अनुसार गहन परीक्षण किया गया। इसके बाद, वास्तविक आवश्यकता को आधार मानते हुए जिला स्तरीय समिति ने इन 46 नवीन कार्यों को अपनी हरी झंडी दे दी।
रेजिस्टिविटी सर्वे के बाद तुरंत शुरू होगा खनन
प्रशासन की तैयारी- स्वीकृत की गई सभी बसाहटों में बहुत जल्द रेजिस्टिविटी सर्वे (भूजल स्तर जांच) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सर्वे सफल होते ही तुरंत नलकूप खनन का काम शुरू कर दिया जाएगा ताकि प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की निगरानी में कार्य
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट के स्थायी और त्वरित निराकरण के लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से जुटा हुआ है। यह पूरी कार्ययोजना कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को उनके घर के समीप ही सुगम और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता सूची में रखकर पूरा किया जा रहा है।
ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों पर प्रशासन की पैनी नजर
जिला प्रशासन ने जिले के नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि गर्मी के मौसम और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पेयजल संकट वाले संभावित क्षेत्रों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां भी पानी की कमी की शिकायत या आवश्यकता सामने आएगी, वहां बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

