डिंडौरी से भोपाल तक हलचल, पेसा मोबिलाइज़रों की सेवा समाप्ति पर उग्र आंदोलन

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पेसा मोबिलाइज़रों की सेवा बहाली को लेकर भड़का आक्रोश, ग्राम सभाओं ने सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

✍️ उपसंपादक मोहम्मद साहिब

जनपथ टुडे डिंडोरी 15 जून- ज्ञात हो कि विगत 18 मई को पंचायत राज संचालनालय द्वारा आदेश क्रमांक 8448 जारी किया गया था, जिसको लेकर बीच में कई बार और आज अंतिम बार ये चेतावनी दी है कि इस आदेश को निरस्त कर पेसा मोबलाइजर की सेवा बहाल की जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। यह अल्टीमेटम आज डिंडौरी जिले के समस्त पेसा ग्राम सभा अध्यक्षों और पेसा समितियों के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक सामूहिक ज्ञापन सौंपते हुए शासन-प्रशासन को दिया है।

पंचायतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस ज्ञापन को एक “अंतिम चेतावनी पत्र” के रूप में प्रस्तुत करते हुए साफ कर दिया है कि जनजातीय समाज अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है।

बिना ग्राम सभा की सहमति के लिया गया फैसला

प्रतिनिधियों ने तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि पेसा अधिनियम की धारा 4 (i) के तहत ग्राम सभा प्रधान को अपने क्षेत्र के पारंपरिक कर्मचारियों के संबंध में विशेष संवैधानिक शक्तियां प्राप्त हैं। इसके बावजूद, इतना बड़ा आदेश जारी करने से पहले जिले की किसी भी ग्राम सभा से कोई परामर्श या सलाह नहीं ली गई। स्थानीय जन प्रतिनिधियों का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह से आदिवासी समाज की स्वायत्तता और उनकी भावनाओं के विपरीत है।

जमीनी कार्य ठप, पिछड़ी जनजातियों के हित दांव पर

ज्ञापन में बताया गया है कि पेसा मोबिलाइज़र पिछले 5 वर्षों से ज़मीनी स्तर पर सरकार और आदिवासियों के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम कर रहे थे। उनकी सेवा समाप्ति के कारण जिले में निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं:

  1. तेंदूपत्ता बोनस वितरण: समय पर बोनस न मिलने से संग्राहकों में असंतोष है।
  2. वन अधिकार दावों का सत्यापन: आदिवासियों के ज़मीन से जुड़े दावों की प्रक्रिया अधर में लटक गई है।
  3. विवाद निवारण और ग्राम सभा प्रस्ताव: गांवों के आंतरिक विवादों को सुलझाने और प्रस्तावों को लागू करने वाला कोई नहीं बचा है।

प्रतिनिधियों का आरोप है कि इस प्रशासनिक गतिरोध के कारण क्षेत्र की ‘विशेष पिछड़ी जनजाति’ के अधिकार और हित सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

“जल, जंगल, ज़मीन बचाओ” महाआंदोलन का अल्टीमेटम

डिंडौरी जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों के पेसा ग्राम सभा अध्यक्षों ने एकजुट होकर प्रशासन को 7 दिनों का समय दिया है।

सामूहिक ज्ञापन में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है

यह ज्ञापन लाखों जनजातीय समुदायों की सामूहिक आवाज़ है। अगर 7 दिवस में सकारात्मक कार्रवाई करते हुए पेसा मोबिलाइज़रों की तत्काल सेवा बहाली नहीं की गई, तो ‘पेसा मोबिलाइज़र वापस लाओ, जल जंगल ज़मीन बचाओ’ के नारे के साथ उग्र महाआंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी।

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