एनएच जाम कर विरोध प्रदर्शन महंगा पड़ा: 12 लोगों पर मामला दर्ज, राघोपुर परियोजना को लेकर प्रशासन सख्त

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एनएच जाम कर विरोध प्रदर्शन महंगा पड़ा: 12 लोगों पर मामला दर्ज, राघोपुर परियोजना को लेकर प्रशासन सख्त

संपादक प्रकाश मिश्रा 

जनपथ टुडे डिंडोरी 29 जून – राघोपुर बहुउद्देशीय परियोजना के विरोध में जबलपुर–अमरकंटक नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर प्रदर्शन करना अब आंदोलन कारियों को भारी पड़ गया है। प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शाहपुर थाना में 12 प्रदर्शन कारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 126(2) एवं 191(2) के तहत मामला दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध कर आम नागरिकों को परेशान करना कानूनन अपराध है और मामले की जांच जारी है।

दो से तीन घंटे तक बाधित रहा नेशनल हाईवे

ज्ञात हो कि 25 जून गुरुवार को ग्राम जोगीटिकरिया में राघोपुर बहुउद्देशीय परियोजना के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने दोपहर करीब 2 बजे से शाम 4 बजे तक जबलपुर–अमरकंटक नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों, मरीजों तथा अन्य राहगीरों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

राजस्व निरीक्षक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

राजस्व निरीक्षक बुधई सिंह मसराम ने अपनी शिकायत में बताया कि संभावित कानून-व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन द्वारा कार्यपालिक दंडाधिकारी शैलेश गौर सहित राजस्व अमले की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग पर बैठकर आवागमन बाधित कर दिया जो प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समझाइश और आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त किया और मार्ग को यातायात के लिए खोला गया।

इन 12 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

पुलिस ने ओमकार तिलगाम, हलधर, दिलीप, लक्ष्मण तिलगाम, नंदलाल कुशराम, अरविंद, भारत वालरे उर्फ भरत, पूरन मरावी, नवल सिंह, देव सिंह भलावी, चेत सिंह सैयाम तथा बोध सिंह वालरे के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

‘पर्दे के पीछे’ सक्रिय लोगों की भी होगी पहचान

प्रशासन का कहना है कि केवल चक्का जाम में शामिल लोगों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। आंदोलन को पीछे से संचालित या उकसाने वाले लोगों की भी पहचान की जा रही है। जांच के आधार पर उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

राघोपुर परियोजना पर प्रशासन का फोकस

सूत्रों के अनुसार जिले में लगातार गहराते जल संकट को देखते हुए प्रशासन राघोपुर बहुउद्देशीय परियोजना को प्राथमिकता से पूरा कराने के पक्ष में है। प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है तथा संबंधित विभागों ने निर्माण एजेंसी को भी कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन का संदेश

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध कर आमजन को परेशान करना कानून के दायरे में अपराध है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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