
डिंडोरी में छात्रों ने किया जंतर-मंतर छात्र आंदोलन का समर्थन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

चन्द्र विजय कॉलेज से कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
संपादक- प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिंडोरी 20 जुलाई 2026- डिंडोरी में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। रैली चन्द्र विजय कॉलेज से प्रारंभ होकर कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां छात्रों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। रैली में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर नारेबाजी की।
शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग –
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष रूप से NEET-UG, UGC-NET सहित अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक, परीक्षा प्रबंधन की कमियों और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी से लाखों युवाओं का विश्वास प्रभावित हुआ है। ज्ञापन में वर्ष 2026 के NEET-UG परीक्षा विवाद से आहत छात्रों का भी उल्लेख करते हुए शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार की आवश्यकता जताई गई है।
छात्रों ने प्रमुख मांगें-
ज्ञापन में छात्रों ने प्रमुख मांगें रखते हुए देशभर की प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र आयोग गठित करने, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने, सभी छात्रों के लिए समान शिक्षा एवं पाठ्यक्रम लागू करने, आदिवासी एवं दूरस्थ जिलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा केंद्र स्थापित करने तथा सरकारी विद्यालयों में आवश्यक डिजिटल सुविधाएं विकसित करने की मांग की है।
छात्र छात्राओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन
छात्र छात्राओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए जवाबदेही तय होना आवश्यक है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई। छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाना है।



