
बांध परियोजना के खिलाफ गोगपा का आंदोलन: सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
उपसंपादक मोहम्मद साहिब
जनपथ टुडे डिंडोरी 20 मई:—गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोगपा) ने प्रस्तावित बांध परियोजना के विरोध में अपने आंदोलन को और अधिक धार देते हुए सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परियोजना को जनविरोधी करार देते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की पुरजोर मांग की।

दिग्गज नेतृत्व में एकजुट हुआ जनसमूह
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इंजी कमलेश तेकाम के साथ वरिष्ठ नेताओं ने किया। इसमें गोंगपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इरफ़ान मालिक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमान सिंह पोर्ते राष्ट्रीय संगठन मंत्री हरेंद्र सिंह मार्को, भूआर्या जी, विशेष रूप से प्रदेश के सभी बड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। इन शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी बढ़ा दिया। इनके साथ ही पार्टी के अन्य पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ अपनी मांगों के समर्थन में खड़े नजर आए।
विरोध का मुख्य केंद्र: विस्थापन और आजीविका का संकट
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यह बांध परियोजना स्थानीय निवासियों के लिए ‘मौत का फरमान’ है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इरफ़ान मालिक ने कहा कि सरकार बिना विस्थापितों की उचित सुनवाई किए विकास के नाम पर विनाश पर आमादा है। अधिसूचित क्षेत्र में पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों को पूरा किए बिना बांध परियोजनाओं को लागू नहीं किया जा सकता।वहीं, प्रदेश अध्यक्ष कमलेश सिंह तेकाम ने स्पष्ट किया कि पार्टी आदिवासियों और स्थानीय किसानों की जमीन के एक इंच टुकड़े पर भी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेगी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमान सिंह पोर्ते ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि परियोजना को वापस नहीं लिया गया, तो आदिवासी समाज एकजुट होकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगा।
सड़क पर दिखा गोगपा का शक्ति प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान पार्टी के पीले झंडों और बैनरों से सड़कों पर कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया। पीला गमछा पहने हुए नेताओं ने पूरी गंभीरता के साथ कमान संभाली और प्रशासन को कड़ा संदेश दिया कि वे इस मुद्दे पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों का यह हुजूम काफी देर तक मुख्य मार्ग पर डटा रहा, जिससे प्रशासन की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
ज़न नेताओं की दो-टूक: “जमीन नहीं देंगे”
मंच से संबोधित करते हुए अपने प्रदेश अध्यक्ष इंजी.कमलेश तेकाम के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं ने हुंकार भरते हुए कहा:
यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की रक्षा की लड़ाई है। हम अपनी संस्कृति, अपनी जमीन और अपने जल-जंगल-जमीन को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। सरकार को यह गलतफहमी निकाल देनी चाहिए कि वह जबरन हमें बेदखल कर देगी।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन के उपरांत गोगपा के प्रदेश अध्यक्ष इंजी. कमलेश के काम ने जिलाधिकारी को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि बांध परियोजना का कार्य अविलंब नहीं रोका गया, तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी, कलेक्ट्रेट सहित क्षेत्रीय विधायकों के सासंद के निवास का घेराव किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।




