
महज 24 दिन में प्रशासन ने रोके 28 बाल विवाह बाल विवाह की सूचना देने वालों को किया जाएगा पुरस्कृत

संपादक प्रकाश मिश्रा
जनपथ टुडे डिण्डौरी 24 अप्रैल 2026 – डिंडौरी जिले में प्रशासन ने 1 अप्रैल से 24 अप्रैल तक अलग-अलग ग्रामीण इलाकों में होने वाले 28 बाल विवाहों को रोकने में सफलता हासिल की है। प्रशासन की इस सक्रियता से दर्जनों बच्चों को कच्ची उम्र में शादी के बंधन में बंधने से बचा लिया गया।
जिला परियोजना अधिकारी श्याम सिगौर ने बताया कि जैसे ही बाल विवाह की खबर मिलती है, रेस्क्यू टीम पुलिस के साथ फौरन गांव पहुंचती है। टीम वहां जाकर घर वालों को समझाती है कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा हो सकती है। उन्हें बताया जाता है कि शादी के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 साल और लड़के की 21 साल होना जरूरी है। महिला बाल विकास विभाग और कानूनी कार्रवाई का डर सुनकर कई परिवार खुद ही शादी रोकने को तैयार हो गए।
किस ब्लॉक में कितने विवाह रोके गए
इस अभियान के तहत जिले के लगभग हर ब्लॉक में कार्रवाई की गई। सबसे ज्यादा 13 बाल विवाह डिंडौरी विकासखंड में रोके गए। इसके अलावा मेहदवानी में 5, करंजिया में 3, समनापुर, शहपुरा और बजाग में 2-2, जबकि अमरपुर में 1 बाल विवाह रुकवाया गया। इस पूरी मुहिम में वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्प लाइन और पुलिस ने मिलकर काम किया।
प्रशासन की इनाम की घोषणा सूचना देने वाले का नाम रहेगा गुप्त
विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी बुराई को रोकने में मदद करें। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर (7828195167) जारी किया गया है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा और उसे प्रशासन की ओर से पुरस्कृत भी किया जाएगा। प्रशासन ने गांव-गांव में ऐसा सूचना तंत्र तैयार किया है ताकि कहीं भी गुपचुप तरीके से ऐसी शादियां न हो सकें।


