कनकधारा – जामपानी पीएम सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप, जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा 

Listen to this article

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौते का आरोप, बिना रॉयल्टी मुरुम उत्खनन और इंजीनियर की धमकी का ऑडियो वायरल

संपादक प्रकाश मिश्रा 

जनपथ टुडे डिंडोरी28 मई 2026 – जिले के करंजिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत धवाडोंगरी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कनकधारा से जामपानी गांव तक बनाए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने खुलकर विरोध जताया है और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मामले को लेकर करंजिया जनपद पंचायत अध्यक्ष राजू उद्दे और धवाडोंगरी पंचायत के सरपंच ईश्वर सिंह ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण कार्य में कई तकनीकी खामियां और लापरवाही सामने आने का दावा किया गया। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा और ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से काम कराया जा रहा है।

सूचना बोर्ड में नहीं दी गई पूरी जानकारी

निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर लगाए गए सूचना बोर्ड में भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां गायब मिलीं। आरोप है कि योजना की लागत, निर्माण एजेंसी, कार्य अवधि और तकनीकी विवरण जैसी अनिवार्य जानकारियां बोर्ड पर स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं थीं। जनप्रतिनिधियों ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।

बिना रोलर के तैयार किया जा रहा सड़क का बेस

सड़क निर्माण की प्रक्रिया में भी भारी लापरवाही सामने आने का आरोप लगाया गया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सड़क का बेस तैयार करने में रोलर का उपयोग नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना उचित दबाव और तकनीकी प्रक्रिया अपनाए सड़क तैयार की जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

राजस्व भूमि से अवैध मुरुम उत्खनन का आरोप

जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही मुरुम राजस्व भूमि से बिना रॉयल्टी के अवैध रूप से निकाली जा रही है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल निर्माण गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजस्व नियमों के उल्लंघन और अवैध उत्खनन तक पहुंच जाएगा। इसको लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

इंजीनियर पर धमकी देने का आरोप, ऑडियो वायरल

मामले ने उस समय और ज्यादा तूल पकड़ लिया जब संबंधित विभाग के एक इंजीनियर पर सरपंच को फोन पर धमकी देने का आरोप लगा। सरपंच ईश्वर सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने निर्माण कार्य में गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए, तब इंजीनियर ने मोबाइल पर धमकी भरे लहजे में कहा — “इस काम में ज्यादा दखल मत दो, वरना ठीक नहीं होगा।” इंजीनियर और सरपंच के बीच हुई कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। वायरल ऑडियो के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

जनपद पंचायत अध्यक्ष राजू उद्दे और सरपंच ईश्वर सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण एजेंसी, संबंधित अधिकारियों और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है, लेकिन यदि निर्माण कार्य में इसी तरह भ्रष्टाचार और लापरवाही होती रही तो शासन की मंशा पर पानी फिर जाएगा।

ग्रामीणों ने भी चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

Related Articles

Close
Website Design By Mytesta.com +91 8809 666000