डिंडौरी कलेक्टर ने लापरवाही बरतने पर पटवारी को किया निलंबित

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✍️ उपसंपादक मोहम्मद साहिब

जनपथ टुडे डिंडौरी 10जून:- जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों पर प्रशासन अब पूरी तरह से सख्त रुख अपनाए हुए है। डिंडौरी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जनसुनवाई के दौरान मिली एक शिकायत पर त्वरित और कड़ा एक्शन लेते हुए राजस्व निरीक्षक मंडल अमरपुर के अंतर्गत पदस्थ पटवारी भूपेन्द्र कुशराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वर्षों पुराने राजस्व मामले में लापरवाही बरतने पर यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

क्या था मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम निघोरी के निवासी आवेदक शेख हसन ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर कलेक्टर के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदक ने बताया कि ग्राम भानपुर रैयत की संशोधन पंजी क्रमांक-11 के प्रस्ताव क्रमांक-26 में नामांतरण (Mutation) से संबंधित एक आदेश 05 मार्च 2013 को ही पारित कर दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित राजस्व अभिलेखों (भू-अभिलेखों) में सुधार और दुरुस्तीकरण का कार्य पिछले कई सालों से लंबित रखा गया और इसे अपडेट नहीं किया गया।

नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने तत्काल इसकी जांच की। जांच में पाया गया कि संबंधित पटवारी द्वारा शासकीय अभिलेखों के संधारण, रखरखाव और उन्हें समय पर अद्यतन (Update) करने में घोर लापरवाही और उदासीनता बरती गई। कलेक्टर ने इस कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों के सर्वथा विपरीत और कदाचरण माना।

निलंबन अवधि में यहाँ रहेगा मुख्यालय

कलेक्टर द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पटवारी श्री भूपेन्द्र कुशराम (हल्का क्रमांक 105 एवं 106, राजस्व निरीक्षक मंडल अमरपुर, तहसील डिंडौरी) को सस्पेंड कर दिया गया है।

  • मुख्यालय निर्धारण: निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय डिंडौरी नियत किया गया है।
  • भत्ता: निलंबित पटवारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

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