
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने डिंडौरी में सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
✍️ मोहम्मद साहिबेआलम, उपसंपादक
मांगों के निराकरण के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम, अधिकारियों-कर्मचारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने उठाई आवाज
जनपथ टुडे डिंडौरी 9 सितंबर:- जिला मुख्यालय डिंडौरी में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, सरपंचों, पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों ने विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने दो अलग-अलग ज्ञापन पत्रों के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान विभाग से जुड़ी समस्याओं की ओर आकर्षित कराया। मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों ने रखीं आठ प्रमुख मांगें
त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। प्रतिनिधियों ने ग्राम पंचायतों में जारी निर्माण कार्यों की एकतरफा जांच और वसूली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि तकनीकी स्वीकृति और मूल्यांकन के बाद भी सरपंच-सचिवों पर अनुचित आरोप लगाकर निलंबन अथवा श्रम कारावास जैसे आदेश जारी करना उचित नहीं है।
भ्रामक शिकायतों और वेतन रोकने की कार्रवाई पर जताई नाराजगी
ज्ञापन में मीडिया अथवा अन्य स्वार्थी तत्वों द्वारा की जाने वाली भ्रामक शिकायतों के आधार पर तत्काल जांच टीम गठित करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री आवास एवं जनमन आवास योजना की धीमी प्रगति के लिए सीधे कर्मचारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई को अनुचित बताया। इसके साथ ही फर्जी सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के आधार पर कथित ब्लैकमेलिंग पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
रोजगार सहायकों ने मानदेय बढ़ाने और समय पर भुगतान की मांग की
ग्राम रोजगार सहायकों ने वर्तमान 18 हजार रुपये के मानदेय को महंगाई के लिहाज से अपर्याप्त बताते हुए मानदेय में वृद्धि करने की मांग की। साथ ही मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई। इसके अलावा शासकीय सम्मेलनों और विकास यात्राओं में टेंट, माइक सहित अन्य व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च के लिए पृथक बजट का प्रावधान करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
अधिकारियों-कर्मचारियों ने रखीं छह सूत्रीय मांगें
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने वीबी-जी राम जी योजना में नियमों की अनदेखी कर दिए गए अतिरिक्त प्रभार को समाप्त कर योग्य एवं निपुण व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की। कर्मचारियों ने कार्यालयीन समय के बाद और अवकाश के दिनों में आयोजित होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं समीक्षा बैठकों को बंद करने की मांग की।
बैठक में अमर्यादित भाषा और वेतन कटौती का मुद्दा उठा
कर्मचारियों ने कहा कि कार्यालयीन समय के बाद बैठकों के कारण देर शाम घर लौटते समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है और पारिवारिक जीवन भी प्रभावित होता है। ज्ञापन में बैठकों के दौरान अमर्यादित शब्दावली के प्रयोग पर रोक लगाने, बिना कारण बताओ नोटिस के वेतन रोकने अथवा काटने की प्रक्रिया बंद करने की मांग की गई। वहीं करंजिया जनपद में पदस्थ उपयंत्री श्री सुनील हरमन के बकाया वेतन का भुगतान कर उन्हें पदस्थापना देने की मांग भी उठाई गई।



