कोबिड – 19, वरदान साबित हुआ…………. कालाबाजारी और नशीले पदार्थो का अवैध कारोबार करने वालो के लिए

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कुछ प्रतिबंधित मादक पदार्थो की बिक्री भी दवा विक्रेताओं के द्वारा की जा रही है, बिना चिकित्सक की पर्ची के भी दवा मिलना आम बात है, ज्यादातर दुकानों पर फार्मासिस्ट नहीं होते नौकरों के भरोसे सब चल रहा है। इन दिनों जिले में दबे छुपे तंबाखू गुटखा और गुड़ाखू की उची कीमत पर बिक्री किए जाने की भी चर्चा व्याप्त है।

 

जनपथ टुडे, डिंडोरी, 19 मई 2020, 19 मार्च से घोषित हुए लॉकडाउन के अब दो माह पूरे होने जा रहे है और ये दो महीने सैकड़ों साल तक आने वाली पीढ़ियां याद करेगी, देश पर ऐसा संकट जिससे देश का हर आदमी परेशान है, काम धंधे चौपट हो चुके है कोई भी ऐसा कारोबार और व्यक्ति नहीं बचा जिसकी आर्थिक स्थिति इस कठिन समय में प्रभावित न हुई हो। लोगो पर आए इस संकट और परेशानियों ने समूचे मानव जगत के अस्तित्व पर गंभीर संकट पैदा कर दिया है। हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है, देश के बड़े बड़े हाईवे वीरान पड़े हैं वहां पर केवल मवेशी दिखाई देते है, रेल की पटरियों पर आदमी दौड़ रहे है। वाहन खड़े हो गए है और आदमी भागता नजर आ रहा है। इन दो माह में देश ने बदहवास पदयात्राओं का दर्दनाक कीर्तिमान स्थापित किया है। मानव क़दमों को गिना जाए तो हम शिखर पर है, करोड़ों लोगों ने सैकड़ों किमी की पैदल यात्रा की है भूखे और प्यासे रहकर। देश का एक बड़ा तबका दो माह से दिन रात भाग रहा है बदहवास, और इस दौर में कुछ अच्छा हुआ होगा सोचा भी नहीं जा सकता। फिर भी कुछ ऐसे राक्षसी प्रवृत्ति के लोग भी है जिन्हे इस देशव्यापी संकट में भी अपनी पैसे की हवस पूरी करने का मौका दिखाई दे रहा है, मौके का फायदा उठाने कुछ कारोबारियों ने तमाम इंसानियत को किनारे रख दिया है तो कुछ गैर कारोबारी सयंमभू दबंग लोग भी नशीले पदार्थो की तस्करी और जमाखोरी कर इस आपदा को अपने जीवन का स्वर्णिम समय साबित करने में जुटे है, दिन रात पैसा कमाने में जी जान से लगे हैं।

डिंडोरी में पिछले दो माह में लाक डॉउन लागू होने के बाद जैसा अनुमान लगा रहे थे लोग की आवश्यक खाद्य पदार्थ, फल, सब्जी, दूध, तेल, मसाला, दाल आदि के भाव बढ़ सकते है और इनकी कमी भी हो सकती है किन्तु इसके उलट बाजारों के सीमित समय खुलने और लोगो के अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने के चलते कीमतें अधिक नहीं बढ़ी भाड़ा और मजदूरी आदि के चलते कुछ उतार चढाव आया पर कीमतें लोगो की पहुंच से दूर नहीं हो पाई।

 

नशीले पदार्थो की तस्करी और कालाबाजारी चरम पर

शराब, तंबाखू, राजश्री, विमल आदि की कीमतें प्रतिबंध लगने के बाद चार से छह गुनी हो गई, तमाम लोग इसका अवैध परिवहन, भंडारण और कारोबार करके चांदी काट रहे है। अवैध रूप से जो शराब 100 रुपए की बिकती थी वो 200 रुपए तक में बेची जा रही है शराब दुकानों के खुलने के पहले इनकी कीमत और भी अधिक थी सूत्रों की माने तो डिंडोरी में दर्जनों लोग शहर भर में पुलिस की मुस्तैदी के बाद भी खुलकर अवैध शराब का कारोबार कर रहे है। जिसमे 3 से 4 बड़े कारोबारी और बाकी के छुटपुट विक्रेता है, जो रोज लाते रोज खपाते है। चर्चा ये भी है कि शहर में शराब लाने के लिए कुछ एंबुलेंस जैसे वाहनों का उपयोग शराब की तस्करी के लिए किया जा रहा है।

राजश्री, विमल गुटखा और गुड़ाखू की कीमतों ने तो शुरू से ही बहुत बड़ा उछाल मारा है। बताया जाता है लगभग 18 हजार रुपए कीमत का राजश्री का बोरा चौकाने वाली कीमत 50 हजार रुपए का बेचा जा रहा है और फिर फुटकर व्यापारी अपना मनमाना मुनाफा जोड़कर लोगो को जम कर ठग रहे है। गुड़ाखू ने भी हदे तोड़ दी है बताया जाता है 3 रुपए में बिकने वाली डिब्बी 7 गुना कीमत पर मिल रही है 20 से 25 रुपए तक में बिक रही है।

प्रतिबंध के बाद भी जिला मुख्यालय साहित अन्य नगरों में बड़ी मात्रा में इन पदार्थों का अवैध भंडारण होने की चर्चा है।कारोबारियों ने इनके भंडारण के लिए शहर के आस पास गोदाम बना रखे है जहां बाहर से आवश्यक सामग्री लाने वाले माल वाहक में इनको छुपाकर लाया जा रहा है। मंडला से गुड़ाखू की बड़ी खेपे आने की चर्चा है जो कि रहगी से बाईपास होते हुए शहर में लाए जाने की जानकारी सूत्रों से प्राप्त हो रही है इस मार्ग पर देर रात्रि में, पुलिस मुस्तैद न होने का लाभ इस तरह के कारोबारी उठा रहे है।

कुछ व्यापारी प्रशासन की छापेमारी के डर से दूसरे लोगों के घर पर अपने अवैध माल का भंडारण कर रहे है जहां से दिन में छोटे वाहनों के माध्यम से माल निकाला जाता है, देर रात और बहुत सबेरे अवैध नशीले पदार्थो की आवाजाही की चर्चा आम है।

अब तक पुलिस और प्रशासन की कोई गंभीर और सबख सिखाऊ कार्यवाही इस दिशा में नहीं हो सकी है जबकि चर्चा यहां तक है कि राजश्री और विमल डिंडोरी से जबलपुर भी भेजा जा रहा है। बाजार में इन चीजों की कमी पैदा कर अवैध जमाखोरी कर इनको तीन चार गुनी कीमतो पर चोरी छिपे बेचे जाने का कारोबार इन दिनों तेजी पर बताया जाता है। गाड़ासरई, शाहपुरा, बजाग, करंजिया, समनापुर, अमरपुर, मंहदवानी में इस तरह के अवैध कारोबार और भंडारण, मुनाफाखोरी करने वालो की चर्चा जोरों पर है।

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