उपार्जन केंद्र मानिकपुर में अपनी धान लेकर इंतजार करते किसान

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जनपथ टुडे, डिंडोरी, 16 दिसंबर 2020, बताया जाता है कि क्षेत्र के अंतर्गत में 595 किसान पंजीकृत हैं जिसमें से लगभग 15 किसानों ने ही अपने पंजीयन से धान शासन को दे पाय है। बाकी शेष लोगों की धान को अमानक घोषित गेडर ने कर दिया है।

सेल्समैन प्रमोद साहू ने बताया कि केंद्र में लाए गए सभी किसानों के धान की सैंपल ग्रेडर साहब के द्वारा मंगवाया गया था जिसे मैंने दिखाया अमानक घोषित कर दिया है इसलिए किसान परेशान हैं सेल्समैन हैरान है क्षेत्र में उपलब्ध बीज के आधार पर अनाज उत्पन्न होता है और किसान परेशान हो रहे है। माना जा रहा है विशेष उचित ग्रेडिंग किए गए अनाज को ही केंद्र ले रहा है ऐसी स्थिति में क्षेत्र के किसी भी किसान के पास इस प्रकार की धान उपलब्ध नहीं है। अन्नदाता के उपज के अमानक होने से हैरान व परेशान है इस विषय में किसान का कहना है की खाना बनाने के लिए हंडी में रखी गई चावल में भी कंकर पत्थर मिल जाता है। यह तो एक नागरिक खाद आपूर्ति निगम का एक सौतेला व्यवहार किसानों के प्रति कहा जा रहा है। क्षेत्र के किसान परेशान है केंद्रों पर उनकी धान वापस करने से उन्हें और अधिक परेशानी और क्षति उठाना पड़ रही है जिले भर का किसान सरकार की इस नीति और मानक के निर्धारण से नाराज़ है और अब तक जो प्रक्रिया सालों से थी उसमें बदलाव कर किसानों को परेशान किए जाने का आरोप किसान सरकार पर लगा रहे है।

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